बुधवार, 25 मार्च 2015

जम्मू-कश्मीर: आतंकवाद ने निगलीं 48 हजार जिंदगियां

जम्मू-कश्मीर : डेढ़ लाख आतंकवादी हमलों ने निगलीं 48 हजार जिंदगियां

श्रीनगर। कश्मीर में फैले आतंकवाद की कीमत है 48 हजार लाशें। यह आधिकारिक कीमत है। बकौल गैर सरकारी कीमत है लगभग सवा लाख लाशें। इनमें सभी की लाशें शामिल हैं। आतंकवाद मरने वालों में भेद नहीं करता। 

नतीजतन डेढ़ लाख हमलों को सहन करने वाली कश्मीर घाटी इन 25 सालों में एक लाख लोगों का लहू बहता देख चुकी है। अगर आधिकारिक आंकड़ों को ही लें तो मरने वाले 48 हजार लोगों में से जितने आतंकी मारे गए हैं उनमें से कुछेक ही कम आम नागरिक भी थे तो मरने वालों में। सबसे अधिक वे मुसलमान ही मारे गए हैं जिन्होंने जेहाद की खातिर कश्मीर में आतंकवाद को फैला रखा है।

बकौल आधिकारिक आंकड़ों के, 18 अगस्त, 2013 तक कश्मीर में 25 सालों का अंतराल 48,234 लोगों की जिंदगियों को लील गया। इनमें 23,000 आतंकी भी शामिल हैं जिन्हें विभिन्न मुठभेड़ों में सुरक्षाबलों ने इसलिए मार गिराया क्योंकि उन्होंने उन्हें मजबूर किया कि वे उनकी जानें लें। हालांकि इन मरने वाले आतंकियों में से एक अच्छी खासी संख्या सीमाओं पर ही मारी गई। उस समय जब उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिशें कीं।

कश्मीर में फैले आतंकवाद का एक रोचक तथ्य। कश्मीर में तथाकथित जेहाद और आजादी की लड़ाई को आरंभ करने वाले थे कश्मीरी नागरिक और बाद में जो मुठभेड़ों में मरने लगे वे हैं पाकिस्तानी और अफगानी नागरिक।


पाकिस्तानी तथा अफगानी नागरिक इसलिए मरने लगे क्योंकि वे कश्मीर के आतंकवाद को आगे बढ़ाने का ठेका लेकर आए हुए हैं। फिलहाल मारे गए 23 हजार आतंकियों में 12,000 विदेशी आतंकियों का आंकड़ा भी शामिल है। 



ऐसा भी नहीं है कि बिना कोई कीमत चुकाए सुरक्षाबलों ने इन आतंकियों को ढेर कर दिया हो बल्कि आतंकियों को मुठभेड़ों में मार गिराने की कीमत भी सुरक्षाबलों को चुकानी पड़ी है। कभी यह कीमत आत्मघाती हमलों के रूप में तो कभी सीमाओं पर आतंकियों के साथ जूझते हुए। आंकड़ें कहते हैं कि 25 साल का अरसा 6,200 सुरक्षाकर्मियों को लील गया।

मारे गए लोगों में जहां प्रथम स्थान पर आतंकियों का आंकड़ा था तो दूसरे स्थान पर आम नागरिकों का। दोनों में थोड़ा सा ही अंतर था। कुल 15,006 नागरिक इन 25 सालों में मौत के ग्रास बन गए। 

ऐसा भी नहीं है कि जेहाद छेड़ने वाले मुस्लिम आतंकियों ने सिर्फ हिन्दुओं या फिर सिखों को ही मौत के घाट उतारा हो इस अरसे के भीतर। बल्कि चौंकाने वाली बात यह है कि मारे गए 15,006 नागरिकों में 12 हजार से अधिक की संख्या उन मुसलमानों की है जिन्हें आतंकी आज भी 'आजादी' दिलवाने की बातें करते हैं।


जम्मू-कश्मीर की आतंकी हिंसा में मृतकों की आधिकारिक संख्या
समय : अगस्त 1988-18 अगस्त 2013
कुल हमले
कुल मृतक
मृतक पाकिस्तानी आतंकी
विदेशी आतंकी
निर्दोष नागरिक
निर्दोष
मुस्लिम
सुरक्षाकर्मी
1,50,000
48,234
23,000
12,000
15,006

12,000 से अधिक
6,200
(स्रोत - दैनिक देशबंधु, नई दिल्ली, 25 अगस्त, 2013, रविवार)




जम्मू-कश्मीर की भौगोलिक स्थिति
भाग
वर्ग किमी
प्रतिशत
सम्पूर्ण
2,22,236
100
पाकिस्तान के कब्जे में
78,114
35.15
पाक ने अवैध रूप से चीन को दिया
5,180
2.29
चीन द्वारा कब्जाया गया
37,555
16.92
भारत के पास शेष बचा जम्मू-कश्मीर
1,01,387
45.64




सोमवार, 16 फ़रवरी 2015

धार्मिक आस्था का अर्थ दूसरी शादी का हक नहीं : सुप्रीम कोर्ट

धार्मिक आस्था का अर्थ दूसरी शादी का हक नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि देश में कानून धार्मिक आस्था के संरक्षण का काम करता है लेकिन ऐसी किसी भी परंपरा की नहीं जो नैतिकता के खिलाफ हो और एक से ज्यादा शादी की इजाजत दे।

यह मामला अदालत तब पहुंचा जब यूपी सरकार ने सिंचाई विभाग में काम करने वाले एक कर्मचारी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया। खुर्शीद अहमद खान नाम के इस व्यक्ति ने पहली पत्नी के होते हुए दूसरी शादी की और यह दलील दी कि उसका धर्म उसे एक से ज्यादा शादियों की इजाजत देता है। उत्तर प्रदेश सरकार का कहना था कि ऐसी स्थिति में कर्मचारी सरकारी नौकरी नहीं कर सकता।



खुर्शीद अहमद खान इस मामले को इलाहबाद उच्च न्यायालय ले गए जहां अदालत ने सरकार के फैसले को सही ठहराया। लेकिन वे इसे भी चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय पहुंच गए। यहां जस्टिस टीएसस ठाकुर और एके गोयल की बेंच ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि कानून धार्मिक आस्था के संरक्षण की इजाजत देता है, उससे जुड़ी ऐसी परंपराओं की नहीं जो सार्वजनिक नीति, स्वास्थ्य और नैतिकता के खिलाफ हों।

धार्मिक आजादी की ब्योरा देने वाले अनुच्छेद 25 की बात करते हुए अदालत ने कहा कि यूपी सरकार के कर्मचारी की बर्खास्ती का फैसला ना तो बहुत कठोर है और ना ही धार्मिक आजादी के हक का उल्लंघन करता है। बेंच ने कहा कि अनुच्छेद 25 धार्मिक आस्था की आजादी का हक देता है, ना कि इसकी आड़ में दूसरे काम करने की छूट।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें हाइकोर्ट के फैसले को बदलने की कोई वजह नहीं नजर आती।

अदालत ने इस ओर भी ध्यान दिलाया कि इससे पहले अन्य मामलों में बॉम्बे और गुजरात हाइकोर्ट के फैसलों का भी सुप्रीम कोर्ट ने इसी तरह आदर किया था। हालांकि मुस्लिम पर्सनल लॉ मुस्लिम पुरुषों को चार विवाह करने की आजादी देता है। अदालत ने कहा कि बहुविवाह महज एक दस्तूर है, इस्लाम का मौलिक हिस्सा नहीं और एक विवाह का फैसला राष्ट्र के कानून के तहत आता है। उन्होंने कहा कि सिर्फ इसलिए कि किसी धर्म ने उसकी अनुमति दे दी, इसलिए बहुविवाह उस धर्म का महत्वपूर्ण हिस्सा नहीं बन जाता और इसे स्वीकारा नहीं जा सकता।

खुर्शीद अहमद खान ने पहली पत्नी सबीना बेगम के होते अंजुम बेगम के साथ निकाह पढ़ा। इसके बाद उनकी पहली पत्नी की बहन ने ह्यूमन राइट्स कमीशन में इसकी शिकायत की, जिसके बिनाह पर मामला पुलिस के पास गया और उसके बाद सरकार ने कार्रवाई शुरु की।


शनिवार, 17 जनवरी 2015

भारत में किए गए आविष्कार एवं खोज, भारत की उपलब्धियां और भारत के गौरव

भारत में किए गए आविष्कार एवं खोज, भारत की उपलब्धियां और भारत के गौरव
1) भारत ने अपने आखिरी एक लाख(100,000)वर्षों के इतिहास में किसी भी देश पर हमला नहीं किया है।
2) जब कई संस्कृतियों में 5000 साल पहले घुमंतू वनवासी थे, तब भारतीयों ने सिंधु घाटी (सिंधु घाटी सभ्यता) में हड़प्पा संस्कृति की स्थापना की।
भारत का अंग्रेजी में नाम इंडियाइं‍डस नदी से बना है, जिसके आस पास की घाटी में आरंभिक सभ्‍यताएं निवास करती थीं। आर्य पूजकों में इस इंडस नदी को सिंधु कहा।
3) ईरान से आए आक्रमणकारियों ने सिंधु को हिंदु की तरह प्रयोग किया। हिंदुस्ताननाम सिंधु और हिंदु का संयोजन है, जो कि हिंदुओं की भूमि के संदर्भ में प्रयुक्त होता है।
4) शतरंज की खोज भारत में की गई थी।
5) बीज गणित, त्रिकोण मिति और कलन का अध्‍ययन भारत में ही आरंभ हुआ था।
6) स्‍थान मूल्‍य प्रणालीऔर दशमलव प्रणालीका विकास भारत में 100 बी सी में हुआ था।
7) विश्‍व का प्रथम ग्रेनाइट मंदिर तमिलनाडु के तंजौर में बृहदेश्‍वर मंदिर है। 


इस मंदिर के शिखर ग्रेनाइट के 80 टन के टुकड़ों से बने हैं। यह भव्‍य मंदिर राजाराज चोल के राज्‍य के दौरान केवल 5 वर्ष की अवधि में (1004 ए डी और 1009 ए डी के दौरान) निर्मित किया गया था।
8) भारत विश्‍व का सबसे बड़ा लोकतंत्र और विश्‍व का सातवां सबसे बड़ा देश तथा प्राचीन सभ्‍यताओं में से एक है।
9) सांप सीढ़ी का खेल तेरहवीं शताब्‍दी में कवि संत ज्ञान देव द्वारा तैयार किया गया था इसे मूल रूप से मोक्षपट कहते थे। इस खेल में सीढियां वरदानों का प्रतिनिधित्‍व करती थीं जबकि सांप अवगुणों को दर्शाते थे। इस खेल को कौडियों तथा पांसे के साथ खेला जाता था। आगे चल कर इस खेल में कई बदलाव किए गए, परन्‍तु इसका अर्थ वहीं रहा अर्थात अच्‍छे काम लोगों को स्‍वर्ग की ओर ले जाते हैं जबकि बुरे काम दोबारा जन्‍म के चक्र में डाल देते हैं।
10)      दुनिया का सबसे ऊंचा क्रिकेट का मैदान हिमाचल प्रदेश के चायल नामक स्‍थान पर है। इसे समुद्री सतह से 2444 मीटर की ऊंचाई पर भूमि को समतल बना कर 1993 में तैयार किया गया था।
11)      भारत में विश्‍व भर से सबसे अधिक संख्‍या में डाक खाने स्थित हैं।
12)      भारतीय रेल देश का सबसे बड़ा नियोक्ता है। यह 10 लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करता है।
13)      विश्‍व का सबसे प्रथम विश्‍वविद्यालय 700 बीसी में तक्षशिला में स्‍थापित किया गया था। इसमें 60 से अधिक विषयों में 10,500 से अधिक छात्र दुनियाभर से आकर अध्‍ययन करते थे। नालंदा विश्‍वविद्यालय चौथी शताब्‍दी में स्‍थापित किया गया था जो शिक्षा के क्षेत्र में प्राचीन भारत की महानतम उपलब्धियों में से एक है।
14)      आयुर्वेद मानव जाति के लिए ज्ञात सबसे आरंभिक चिकित्‍सा शाखा है। शाखा विज्ञान के जनक माने जाने वाले चरक में 2500 वर्ष पहले आयुर्वेद का समेकन किया था।
15)      भारत 17वीं शताब्‍दी के आरंभ तक ब्रिटिश राज्‍य आने से पहले सबसे सम्‍पन्‍न देश था। क्रिस्‍टोफर कोलम्‍बस भारत की सम्‍पन्‍नता से आकर्षित हो कर भारत आने का समुद्री मार्ग खोजने चला और उसने गलती से अमेरिका को खोज लिया।
16)      नौवहन की कला और नौवहन का जन्‍म 6000 वर्ष पहले सिंध नदी में हुआ था। दुनिया का सबसे पहला नौवहन संस्‍कृ‍त शब्‍द नव गति से उत्‍पन्‍न हुआ है। शब्‍द नौ सेना भी संस्‍कृत शब्‍द नोउ से हुआ।
17)      भास्‍कराचार्य ने खगोल शास्‍त्र के कई सौ साल पहले पृथ्‍वी द्वारा सूर्य के चारों ओर चक्‍कर लगाने में लगने वाले सही समय की गणना की थी। उनकी गणना के अनुसार सूर्य की परिक्रमा में पृथ्‍वी को 365.258756484 दिन का समय लगता है।
18)      भारतीय गणितज्ञ बुधायन द्वारा पाईका मूल्‍य ज्ञात किया गया था और उन्‍होंने जिस संकल्‍पना को समझाया उसे पाइथागोरस का प्रमेय करते हैं। उन्‍होंने इसकी खोज छठवीं शताब्‍दी में की, जो यूरोपीय गणितज्ञों से काफी पहले की गई थी।
19)      बीज गणित, त्रिकोण मिति और कलन का उद्भव भी भारत में हुआ था। चतुष्‍पद समीकरण का उपयोग 11वीं शताब्‍दी में श्री धराचार्य द्वारा किया गया था। ग्रीक तथा रोमनों द्वारा उपयोग की गई की सबसे बड़ी संख्‍या 106 थी जबकि हिन्‍दुओं ने 10*53 जितने बड़े अंकों का उपयोग (अर्थात 10 की घात 53), के साथ विशिष्‍ट नाम 5000 बीसी के दौरान किया। आज भी उपयोग की जाने वाली सबसे बड़ी संख्‍या टेरा: 10*12 (10 की घात12) है।
20)      वर्ष 1896 तक भारत विश्‍व में हीरे का एक मात्र स्रोत था। (स्रोत: जेमोलॉजिकल इंस्‍टी‍ट्यूट ऑफ अमेरिका) 
21)      बेलीपुल विश्‍व‍ में सबसे ऊंचा पुल है। यह हिमाचल पर्वत में द्रास और सुरु नदियों के बीच लद्दाख घाटी में स्थित है। इसका निर्माण अगस्‍त 1982 में भारतीय सेना द्वारा किया गया था।
22)      सुश्रुत को शल्‍य चिकित्‍सा का जनक माना जाता है। लगभग 2600 वर्ष पहले सुश्रुत और उनके सहयोगियों ने मोतियाबिंद, कृत्रिम अंगों को लगना, शल्‍य क्रिया द्वारा प्रसव, अस्थिभंग जोड़ना, मूत्राशय की पथरी, प्‍लास्टिक सर्जरी और मस्तिष्‍क की शल्‍य क्रियाएं आदि की।
23)      निश्‍चेतक का उपयोग भारतीय प्राचीन चिकित्‍सा विज्ञान में भली भांति ज्ञात था। शारीरिकी, भ्रूण विज्ञान, पाचन, चयापचय, शरीर क्रिया विज्ञान, इटियोलॉजी, आनुवांशिकी और प्रतिरक्षा विज्ञान आदि विषय भी प्राचीन भारतीय ग्रंथों में पाए जाते हैं।
24)      भारत से 90 देशों को सॉफ्टवेयर का निर्यात किया जाता है।
25)      भारत में 4 धर्मों का जन्‍म हुआ हिन्‍दु, बौद्ध, जैन और सिक्‍ख धर्म और जिनका पालन दुनिया की आबादी का 25 प्रतिशत हिस्‍सा करता है।
26)      जैन धर्म और बौद्ध धर्म की स्‍थापना भारत में क्रमश: 600 बीसी और 500 बीसी में हुई थी।
27)       इस्‍लाम भारत का और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा धर्म है।
28)      भारत में तीन लाख(3,00,000) मस्जिदें हैं जो किसी अन्‍य देश से अधिक हैं, यहां तक कि मुस्लिम देशों से भी अधिक।
29)      भारत में सबसे पुराना यूरोपियन चर्च और सिनागोग कोचीन शहर में है। इनका निर्माण क्रमश: 1503 और 1568 में किया गया था।
30)      ज्‍यू और ईसाई व्‍यक्ति भारत में क्रमश: 200 बीसी और 52 एडी से निवास करते हैं।
31)      विश्‍व में सबसे बड़ा धार्मिक भवन अंगकोरवाट, हिन्‍दु मंदिर है जो कम्‍बोडिया में 11वीं शताब्‍दी के दौरान बनाया गया था।




32)      तिरुपति शहर में बना विष्‍णु मंदिर 10वीं शताब्‍दी के दौरान बनाया गया था, यह विश्‍व का सबसे बड़ा धार्मिक गंतव्‍य है। रोम या मक्‍का धार्मिक स्‍थलों से भी बड़े इस स्‍थान पर प्रतिदिन औसतन 30 हजार श्रद्धालु आते हैं और लगभग 6 मिलियन अर्थात 60 लाख अमेरिकी डॉलर प्रति दिन चढ़ावा आता है।
33)      सिक्‍ख धर्म का उद्भव पंजाब के पवित्र शहर अमृतसर में हुआ था। यहां प्रसिद्ध स्‍वर्ण मंदिर की स्‍थापना 1577 में गई थी।
34)      वाराणसी, जिसे बनारस के नाम से भी जाना जाता है, एक प्राचीन शहर है जहां भगवान बुद्ध ने 500 बी सी में यहां आगमन किया और यह आज विश्‍व का सबसे पुराना और निरंतर आगे बढ़ने वाला शहर है।
35)      भारत द्वारा श्रीलंका, तिब्‍बत, भूटान, अफगानिस्‍तान और बांग्‍लादेश के 3,00,000 से अधिक शरणार्थियों को सुरक्षा दी जाती है, जो धार्मिक और राजनैतिक अभियोजन के फलस्‍वरूप वहां से निकल गए हैं।
36)      माननीय दलाई लामा तिब्‍बती बौद्ध धर्म के निर्वासित धार्मिक नेता है, जो उत्तरी भारत के धर्मशाला में अपने निर्वासन में रह रहे हैं।
37)      युद्ध कलाओं का विकास सबसे पहले भारत में किया गया और ये बौद्ध धर्म प्रचारकों द्वारा पूरे एशिया में फैलाई गई।
38)      योग कला का उद्भव भारत में हुआ है और यह 5,000 वर्ष से अधिक समय से भारत में मौजूद है।
(स्रोत: योजना मई 2010)