आज का युग मीड़िया क्रांति का युग है। आज मीड़िया की प्रभावकता इतनी अधिक बढ़ गयी है कि मीड़िया किसी घटना विषय या व्यक्ति को अत्यल्प समय में अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियां बना सकता है और अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियां रुपी अर्श से फर्श पर भी पटक सकता है। परन्तु ताज्जुब की बात यह है कि आंतरिक सुरक्षा जैसे गंभीर संवेदनशील राष्ट्रीय विषय पर मीड़िया अपनी सकारात्मक भूमिका की जगह ऊहापोह की स्थिति में नजर आ रहा है।
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शुक्रवार, 15 अक्टूबर 2010
आंतरिक सुरक्षा मीड़िया के लिए बिकाऊ नहीं
आज का युग मीड़िया क्रांति का युग है। आज मीड़िया की प्रभावकता इतनी अधिक बढ़ गयी है कि मीड़िया किसी घटना विषय या व्यक्ति को अत्यल्प समय में अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियां बना सकता है और अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियां रुपी अर्श से फर्श पर भी पटक सकता है। परन्तु ताज्जुब की बात यह है कि आंतरिक सुरक्षा जैसे गंभीर संवेदनशील राष्ट्रीय विषय पर मीड़िया अपनी सकारात्मक भूमिका की जगह ऊहापोह की स्थिति में नजर आ रहा है।शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2010
भविष्य का मीडिया और सामाजिक-राष्ट्रीय सरोकार
आज का युग मीडिया क्रान्ति का युग है। समाचार पत्रों की प्रसार संख्या तो अनवरत बढ़ती ही जा रही है साथ ही 24 घन्टे के समाचार चैनलों ने मिनटों में किसी भी समाचार को दर्शकों तक पहुँचाने की महत्वपूर्ण व अद्वितीय क्षमता से लोकतंत्र के चौथे खम्भे के रूप में अपनी सार्थकता को मजबूती प्रदान कर रहा है। भारत विश्व के 5 बड़े मीडिया बाजारों में से एक है। पश्चिम में समाचार पत्रों के समाप्त होने की लगातार सम्भावानाएं जतायी जा रही हैं लेकिन भारत में आने वाले कुछ दशकों तक समाचार पत्रों का भविष्य नि:संदेह उज्जवल है।
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